नई दिल्ली। भारतीय विश्व कार्य परिषद (ICWA) के एक विशेष कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि और ICWA के अध्यक्ष के तौर पर शामिल हुए। अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने ICWA के भविष्य के लिए चार प्रमुख प्राथमिकताएं रेखांकित कीं। उन्होंने कहा कि परिषद को (1) भारत की पड़ोस नीतियों पर अनुसंधान, (2) उभरती प्रौद्योगिकियों, (3) अकादमिक संबंधों को मजबूत करने और (4) प्रामाणिक भारतीय ज्ञान प्रणाली पर केंद्रित शोध को बढ़ावा देना चाहिए।कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ICWA की ऐतिहासिक यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि 1943 में स्थापित ICWA ने एक लंबा सफर तय किया है और संसद द्वारा मान्यता प्राप्त निकाय के रूप में 25 वर्ष पूरे किए हैं। जयशंकर ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया में भारत की जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत का आत्मविश्वास भरा दृष्टिकोण सामने आ रहा है, वैसे-वैसे ICWA जैसी संस्थाओं का बौद्धिक जुड़ाव और गहरा होना चाहिए।उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विदेश नीति और वैश्विक रणनीतियों को आकार देने में ICWA की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।इस अवसर पर ICWA की यात्रा को दर्शाती एक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, पूर्व प्रमुखों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और परिषद के प्रमुख प्रकाशनों को भी प्रदर्शित किया गया।
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमित कुमार पांडेय