लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
United States और Iran के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने व्हाइट हाउस में अपने शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों के साथ कई अहम बैठकें की हैं, जिनमें ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई।
Axios की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप हालिया परमाणु वार्ता की धीमी प्रगति से नाराज बताए जा रहे हैं और अगर बातचीत में जल्द सफलता नहीं मिली तो अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। बैठक में उपराष्ट्रपति JD Vance, रक्षा मंत्री Pete Hegseth और CIA Director John Ratcliffe समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।
इस बीच ट्रंप के कुछ निजी और राजनीतिक कार्यक्रमों के रद्द होने से अटकलें और तेज हो गई हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति का वीकेंड शेड्यूल बदला है और कुछ सैन्य इकाइयों की छुट्टियां भी रद्द की गई हैं।
हालांकि अभी तक अमेरिका की ओर से किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इससे पहले भी ट्रंप ने ईरान पर प्रस्तावित हमले को “गंभीर बातचीत” का हवाला देकर टाल दिया था। उन्होंने कहा था कि खाड़ी देशों के अनुरोध पर सैन्य कार्रवाई रोकी गई।
दूसरी ओर ईरान ने भी सख्त चेतावनी दी है। तेहरान का कहना है कि अगर उस पर हमला हुआ तो जवाब “कड़ा और व्यापक” होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान अब भी अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार और मिसाइल कार्यक्रम पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ी हुई है, क्योंकि यहां किसी भी सैन्य टकराव से तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस और तेहरान दोनों पर टिकी हैं। आने वाले कुछ दिन यह तय कर सकते हैं कि तनाव बातचीत से कम होगा या फिर क्षेत्र एक नए सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ेगा।