गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Umaria जिले में मंगलवार देर रात हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बारिश से खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ कटी हुई फसल भी खराब होने की कगार पर पहुंच गई है।
जानकारी के अनुसार, जिले के करीब 90 प्रतिशत किसानों की फसल अभी खेतों में ही है, जबकि कई किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई की तैयारी में लगे थे। बारिश के कारण यह पूरा काम प्रभावित हो गया है।
खलिहानों में रखी चना और मसूर जैसी फसलें भी भीग गई हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता खराब होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि बढ़ती नमी के कारण गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं और इससे बाजार में उन्हें उचित मूल्य मिलना मुश्किल होगा।
स्थानीय किसान गेंद लाल कुशवाहा ने बताया कि बरबटी और भिंडी की फसल पहले ही खराब हो चुकी है, जबकि अब गेहूं, चना और मसूर को भी भारी नुकसान का खतरा है। उन्होंने कहा कि अगर तेज हवा और बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि अगर गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होती है, तो समर्थन मूल्य पर चमक विहीन गेहूं की खरीदी के आदेश जारी किए जाएं, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।