लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump ने ईरान की तेल आधारित अर्थव्यवस्था पर “ट्रिपल अटैक” तेज कर दिया है। पहला बड़ा दबाव होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी है, जिससे ईरान का कच्चे तेल का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दूसरा, अमेरिकी कार्रवाई में ईरानी तेल से लदे कई टैंकरों की जब्ती ने सप्लाई चेन को झटका दिया है। तीसरा और सबसे बड़ा संकट यह है कि ईरान का बिना इस्तेमाल वाला तेल स्टोरेज तेजी से खत्म हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के पास केवल 12 से 22 दिन का तेल रिजर्व बचा है, जिससे उसे उत्पादन में भारी कटौती करनी पड़ सकती है। Reuters के मुताबिक, अमेरिकी नाकाबंदी और होर्मुज संकट के चलते Brent crude 112 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है, जबकि WTI भी 100 डॉलर के पार चला गया। अगर यही स्थिति जारी रही तो ईरान की तेल आधारित इकोनॉमी पर बड़ा क्रैश आ सकता है।