आकांशा खटाना
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
सीवान, 09 मार्च। सीवान नगर के वीएमएचई इंटर कॉलेज के प्रांगण में चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के छठे दिन प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज के मधुर और लालित्यपूर्ण वाचन से पूरा परिसर भक्तिरस में डूब गया। कथा के दौरान ऐसा वातावरण बना मानो सीवान ही मिथिला नगरी बन गया हो।
राजन जी महाराज ने विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए मिथिला के पारंपरिक गीतों की सुमधुर प्रस्तुति दी। “कहवा के पीयर माटी कहां के कुदाल हो” जैसे विवाह गीतों ने कथा पांडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं “मिथिला नगरिया निहाल सखिया” गीत पर श्रद्धालु भावविभोर होकर थिरकते नजर आए। श्रीराम-सीता विवाह प्रसंग के दौरान भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रीरामचरितमानस की आरती से हुई, जिसमें दैनिक यजमानों ने भाग लिया। मंच संचालन राजेश पांडेय और अंजनी पांडेय ने किया। कथा के दौरान राजन जी महाराज ने मिथिला में शिव धनुष टूटने के बाद क्रोधित होकर पहुंचे भगवान परशुराम के प्रसंग का भी उल्लेख किया और बताया कि भगवान श्रीराम ने अपनी विनम्रता से परशुराम के क्रोध को शांत किया।
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि देवत्व की भावना से ही मनुष्य का जीवन सार्थक होता है। जब कोई व्यक्ति दूसरों की उन्नति देखकर प्रसन्न होता है, तभी वह देवत्व के करीब पहुंचता है। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा पाने के लिए सतत नाम कीर्तन और अटूट विश्वास आवश्यक है। नाम जप से जीवन में बड़ा परिवर्तन आता है और साधारण व्यक्ति भी पूजनीय बन सकता है। कथा के दौरान जब राजन जी ने “हो जाला नालायक पूजे लायक रघुनंदन भज के” भजन गाया तो पूरा पांडाल उमंग और उल्लास से गूंज उठा। महिला श्रद्धालुओं सहित हर आयु वर्ग के लोग भक्ति में लीन होकर थिरकते नजर आए।
इस अवसर पर कई शिक्षाविद्, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ राजन कल्याण सिंह, स्वागताध्यक्ष डॉ शरद चौधरी, संयोजक डॉ रूपेश कुमार, संरक्षक डॉ रामेश्वर कुमार, डॉ राम इकबाल गुप्ता और कोषाध्यक्ष प्रेमशंकर सिंह ने किया। दैनिक यजमान के रूप में कई प्रतिष्ठित लोग शामिल रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।