सीवान-मेगा-मॉक-ड्रिल-भूकंप-रेस्क्यू-अभ्यास

8.0 तीव्रता का अलर्ट, सायरन से कांपा सिवान: मेगा मॉक ड्रिल में दिखी प्रशासन की फुल तैयारी

सीवान में 8.0 तीव्रता के भूकंप के परिदृश्य पर आधारित राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सात स्थानों पर एक साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागीय समन्वय की परख की गई।

By : Admin
8.0 तीव्रता का अलर्ट, सायरन से कांपा सिवान: मेगा मॉक ड्रिल में दिखी प्रशासन की फुल तैयारी

सीवान-मेगा-मॉक-ड्रिल-भूकंप-रेस्क्यू-अभ्यास

अंजली  गुप्ता 
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 

सीवान, 26 फरवरी। गुरुवार सुबह ठीक 8:20 बजे सायरन की तेज गूंज के साथ सिवान में अचानक आपदा का माहौल बन गया। 8.0 तीव्रता के भूकंप के कृत्रिम परिदृश्य ने पूरे जिले को हिला दिया। चीख-पुकार, मलबे में दबे लोगों की तलाश और राहत टीमों की तेज़ गतिविधियों ने शहर को वास्तविक आपदा जैसी स्थिति से रूबरू कराया।

राज्य स्तरीय ‘मेगा मॉक ड्रिल’ का आयोजन जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय के नेतृत्व में किया गया। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत जिला प्रशासन द्वारा संचालित किया गया।

मलबा, मौत और रेस्क्यू का रियल सीन

ड्रिल के दौरान सदर अस्पताल परिसर स्थित पुराने यक्ष्मा भवन के गिरने का सिमुलेशन किया गया, जिसमें दो लोगों की ‘मृत्यु’ और डीआरसीसी में 10 लोगों के घायल होने का परिदृश्य बनाया गया। सूचना मिलते ही गांधी मैदान स्थित स्टेजिंग एरिया से एंबुलेंस और राहत दल तत्काल रवाना हुए। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मास कैजुअल्टी मैनेजमेंट और सर्ज कैपेसिटी की जांच की गई।

जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और जिला नियंत्रण कक्ष से ड्रोन व संचार प्रणाली के जरिए पूरे अभियान की निगरानी की गई।

सात जगहों पर एक साथ चला ऑपरेशन

जिले के सात प्रमुख स्थानों पर एक साथ लाइव रेस्क्यू अभ्यास किया गया—

  • राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में मलबे में फंसे छात्रों को निकालने का अभ्यास

  • सदर अस्पताल में आपात चिकित्सा प्रबंधन

  • बियाडा परिसर और डीआरसीसी में सुरक्षित निकासी

  • ऑफिसर्स कॉलोनी में ऊंची इमारतों से रेस्क्यू

  • महाराजगंज अनुमंडल कार्यालय व प्रकाश पेट्रोल पंप पर आग बुझाने और भीड़ नियंत्रण

गांधी मैदान में राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें तैनात रहीं। अम्बेडकर भवन व टाउन हॉल में राहत शिविर बनाकर भोजन-पानी और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की गई। पुलिस लाइन मैदान को हेलीबेस बनाकर एयर इवैक्यूएशन का भी सिमुलेशन किया गया।

समन्वय की बड़ी परीक्षा

स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अग्निशमन सेवा, एनसीसी, होमगार्ड, आपदा मित्र और जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी ने अभ्यास को जीवंत बना दिया। ‘इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम’ के तहत विभागों के बीच तालमेल और त्वरित निर्णय क्षमता की परख की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह के महा-अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में जन-धन की क्षति को न्यूनतम करना है। मेगा मॉक ड्रिल ने साफ संकेत दिया कि सिवान जिला प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार और सजग है।

संबंधित सामग्री

वायनाड भूस्खलन: आखिरी लापता कर्मचारी का शव मिला, मृतकों की संख्या बढ़कर 8

वायनाड भूस्खलन: आखिरी लापता कर्मचारी का शव मिला, मृतकों की संख्या बढ़कर 8

केरल के वायनाड में सुरंग परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन में लापता अंतिम कर्मचारी का शव बरामद हो गया। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई।

वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, बचाव अभियान जारी

वियतनाम में भारतीय पर्यटकों को ले जा रही नाव पलट गई, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया है।

झारखंड के पलामू से 27 नाबालिगों का रेस्क्यू, 14 लड़कियां भी शामिल

झारखंड के पलामू से 27 नाबालिगों का रेस्क्यू, 14 लड़कियां भी शामिल

झारखंड के पलामू जिले में 27 नाबालिगों, जिनमें 14 लड़कियां शामिल हैं, को बचाया गया। सभी बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

वायनाड लैंडस्लाइड की वजहों की जांच के लिए केरल सरकार ने बनाई विशेषज्ञ समिति

वायनाड लैंडस्लाइड की वजहों की जांच के लिए केरल सरकार ने बनाई विशेषज्ञ समिति

केरल सरकार ने वायनाड लैंडस्लाइड के कारणों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की है। समिति हादसे के कारणों और पर्यावरणीय मानकों की समीक्षा करेगी।

हिमाचल में भारी बारिश का कहर, शिमला में लैंडस्लाइड; किन्नौर में घर मलबे में दबा

हिमाचल में भारी बारिश का कहर, शिमला में लैंडस्लाइड; किन्नौर में घर मलबे में दबा

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण शिमला और किन्नौर में हालात बिगड़े हैं। लैंडस्लाइड से नुकसान हुआ है और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।