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वोट के लिए जनता को गुमराह कर रहे अखिलेश यादव : ओम प्रकाश राजभ

ल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा जनता को गुमराह करने की कोशिश है। उन्होंने सपा शासन और योगी सरकार की बिजली व्यवस्था

By : Local News of India
वोट के लिए जनता को गुमराह कर रहे अखिलेश यादव : ओम प्रकाश राजभ

लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान सपा पर निशाना साधते अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर।

गुरप्रीत कालरा 
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव वोट के लिए प्रदेश की जनता को गुमराह कर धोखा देने का काम कर रहे हैं।

बुधवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान राजभर ने सपा सरकार बनने पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की अखिलेश यादव की घोषणा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को पहले अपने कार्यकाल को याद करना चाहिए, जब गांवों में सिर्फ पांच घंटे बिजली मिलती थी और शहरों में 10 घंटे।

राजभर ने आरोप लगाया कि उस समय 24 घंटे बिजली केवल रामपुर, इटावा और मैनपुरी जैसे चुनिंदा जिलों को ही मिलती थी। उन्होंने कहा कि सपा शासन में ट्रांसफार्मर जल जाने पर गांव के लोग चंदा इकट्ठा कर उसे ठीक करवाते थे।

उन्होंने कहा कि आज योगी सरकार में स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। 24 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं और जनता को एक रुपये भी खर्च नहीं करना पड़ रहा है। गांवों में 18 घंटे, तहसील स्तर पर 20 घंटे और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

राजभर ने कहा कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात केवल छलावा है और समाज को गुमराह कर वोट लेने की साजिश है। उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और ऐसे वादों में नहीं आने वाली।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच थी कि 2029 तक महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें देश की मुख्यधारा में मजबूत भागीदारी दी जाए। लेकिन विपक्ष ने इस विधेयक के विरोध में मतदान किया, जिसके कारण यह पारित नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि जब देश में लोकसभा की 543 सीटें तय हुई थीं, तब आबादी 68 करोड़ थी, जबकि आज यह बढ़कर 140 करोड़ हो चुकी है। 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन विपक्ष को यह बात स्वीकार नहीं हुई।

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