लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा और उनकी पत्नी, पूर्व विदेश मंत्री डा. आरजू देउवा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
देउवा दंपत्ति इस समय स्वास्थ्य उपचार के लिए हांगकांग में हैं और वहीं से अपने वकीलों से संपर्क बनाए हुए हैं। जानकारी के अनुसार, आरजू देउवा व्हाट्सऐप के माध्यम से वरिष्ठ अधिवक्ताओं से लगातार कानूनी परामर्श ले रही हैं।
उन्होंने खम्म बहादुर खाती और शेरबहादुर केसी सहित अन्य कानूनी विशेषज्ञों से बातचीत की है। कांग्रेस के एक नेता के अनुसार, आरजू देउवा देश के ताजा घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार संपर्क में हैं।
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद देउवा दंपत्ति को फरार सूची में रखा गया है। हालांकि उन्होंने अब तक नेपाल लौटने को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है।
इस बीच, यदि वे स्वदेश नहीं लौटते हैं तो सरकार इंटरपोल के माध्यम से ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
कांग्रेस के महासचिव प्रदीप पौडेल ने कहा है कि देउवा दंपत्ति को नेपाल लौटकर जांच में सहयोग करना चाहिए, जिससे सकारात्मक संदेश जाएगा।
बताया जा रहा है कि देउवा दंपत्ति फरवरी में विदेश गए थे। देउवा 25 फरवरी को इलाज के लिए सिंगापुर पहुंचे थे, जबकि आरजू देउवा 22 फरवरी को भारत आई थीं और बाद में सिंगापुर होते हुए हांगकांग पहुंचीं।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शेर बहादुर देउवा ने कहा कि उनकी संपत्ति को लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कानून के अनुसार अपनी संपत्ति का पूरा विवरण संबंधित सरकारी निकायों में प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि उनका जीवन पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए समर्पित रहा है और सच्चाई समय के साथ सामने आएगी। फिलहाल उन्होंने नेपाल लौटने की कोई समयसीमा नहीं बताई है और उनका उपचार जारी है।