विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर ई-विलेज अलुवामई, जनपद प्रतापगढ़ में स्वर्ण भारत परिवार द्वारा एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व स्वर्ण भारत परिवार के अध्यक्ष एडवोकेट पीयूष पंडित ने किया। रैली का उद्देश्य समाज को बाल श्रम के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर एडवोकेट पीयूष पंडित ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का अधिकार है कि वह विद्यालय जाए, शिक्षा प्राप्त करे और अपने सपनों को साकार करे। बच्चों का स्थान कार्यस्थलों पर नहीं, बल्कि कक्षाओं और खेल के मैदानों में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल श्रम किसी भी सभ्य समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसके उन्मूलन के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने गांव में भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया तथा “शिक्षा अपनाओ, बाल श्रम मिटाओ”, “हर बच्चा पढ़ेगा, तभी देश बढ़ेगा” और “बचपन का सम्मान, राष्ट्र का अभिमान” जैसे संदेश दिए। ग्रामीणों एवं अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें किसी भी प्रकार के श्रम से दूर रखने की अपील की गई।
पीयूष पंडित ने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी है। यदि हम प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान प्रदान करने में सफल होते हैं, तो एक सशक्त और विकसित भारत का निर्माण संभव होगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाल श्रम के विरुद्ध आवाज उठाने तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा दिलाने के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
जारीकर्ता:
स्वर्ण भारत परिवार
ई-विलेज, अलुवामई, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश
“हर बच्चे को शिक्षा, हर बच्चे को सम्मान — यही है विकसित भारत की पहचान।”