गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
देश की प्रतिष्ठित सैन्य अकादमी NDA (नेशनल डिफेंस अकादमी) में प्रवेश पाना जितना कठिन है, वहां की ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करना भी उतना ही चुनौतीपूर्ण माना जाता है। कई लोगों के मन में सवाल होता है कि अगर कोई कैडेट ट्रेनिंग के दौरान फेल हो जाए तो क्या उसे अकादमी से बाहर निकाल दिया जाता है?
दरअसल, NDA में 'Relegation' का नियम लागू होता है। इसका मतलब है कि यदि कोई कैडेट किसी टर्म की परीक्षा, शैक्षणिक प्रदर्शन, शारीरिक मानकों या अन्य निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाता, तो उसे उसी टर्म को दोबारा करने का अवसर दिया जा सकता है। इसे ही रेलीगेशन कहा जाता है।
हालांकि, यह सुविधा हर मामले में स्वतः नहीं मिलती। कैडेट के प्रदर्शन, अनुशासन और अकादमी के नियमों के आधार पर फैसला लिया जाता है। यदि कोई कैडेट लगातार खराब प्रदर्शन करता है या गंभीर अनुशासनहीनता में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ निष्कासन (Withdrawal) की कार्रवाई भी हो सकती है।
यानी NDA में एक बार असफल होने पर तुरंत बाहर नहीं किया जाता, बल्कि सुधार का मौका दिया जाता है। लेकिन अंतिम लक्ष्य सैन्य मानकों को बनाए रखना होता है, इसलिए प्रदर्शन और अनुशासन दोनों बेहद महत्वपूर्ण हैं।