गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के ऊपरी हिस्से में सक्रिय तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण आंधी और बारिश का दौर तेज हो गया है। मंगलवार को खासतौर पर ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मौसम अस्थिर रहा, जहां तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिला।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओलावृष्टि की संभावना है। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर सहित कुल 18 जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर साफ दिखाई दिया। भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, सतना (चित्रकूट) और रीवा में कहीं तेज आंधी चली तो कहीं बारिश हुई। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं।
मौसम विभाग ने बताया कि 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। इसके चलते आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
इसके अलावा प्रदेश में तेज हवाओं का दौर भी जारी रहने का अनुमान है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलेंगी। आमतौर पर दोपहर बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
मौसम में इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए ओलावृष्टि और बारिश चिंता का कारण बन सकती है।