लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली: आज सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक पर्व मनाया जा रहा है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदी में स्नान, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा, पीपल वृक्ष की परिक्रमा तथा जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। साथ ही पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भी यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:03 बजे से 4:43 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:55 बजे से 12:50 बजे तक
- पूजा के लिए सर्वोत्तम समय: सूर्योदय के बाद से दोपहर तक
(स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में बदलाव संभव है।)
पूजा विधि
- प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव, माता पार्वती और पीपल वृक्ष की पूजा करें।
- जल, दूध, अक्षत, फूल और दीप अर्पित करें।
- पीपल के वृक्ष की 108 या अपनी श्रद्धा अनुसार परिक्रमा करें।
- पितरों का स्मरण कर तर्पण करें।
- जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें।
दान का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर अन्न, तिल, गुड़, वस्त्र, जल और दक्षिणा का दान करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यह दिन पितृ दोष से मुक्ति और परिवार की उन्नति के लिए भी शुभ माना जाता है।