लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
पोप लियो ने यूरोप से प्रवासियों और शरणार्थियों के लिए अधिक मानवीय और संवेदनशील नीति अपनाने का आग्रह किया है। उन्होंने इटली के लैंपेडूसा द्वीप की यात्रा के दौरान कहा कि प्रवासन संकट केवल सीमाओं की सुरक्षा का नहीं, बल्कि मानवता और करुणा की भी परीक्षा है।
लैंपेडूसा लंबे समय से अफ्रीका और मध्य पूर्व से समुद्री रास्ते से आने वाले प्रवासियों के लिए यूरोप का प्रमुख प्रवेश द्वार रहा है। पोप ने यहां पहुंचकर उन लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की, जो युद्ध, हिंसा, गरीबी और उत्पीड़न से बचने के लिए अपना देश छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यूरोप और अन्य विकसित देशों को प्रवासियों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता और उदासीनता से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों के अनुरूप कदम उठाने चाहिए। पोप ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी शरणार्थी संकट के स्थायी समाधान के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
पोप लियो का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब यूरोप में प्रवासन नीति और शरणार्थियों के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज है तथा कई देशों में सीमा सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया जा रहा है।