लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
क्वेटा: पाकिस्तान की बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में आतंकवाद निरोधी अदालत ने प्रमुख बलूच एक्टिविस्ट महरंग बलोच और उनके दो सहयोगियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत का यह फैसला 2024 में ग्वादर में हुए एक प्रदर्शन के दौरान एक सुरक्षा कर्मी की मौत से जुड़े मामले में आया है।
महरंग बलोच बलूच यकजहती कमेटी (BYC) की प्रमुख चेहरों में शामिल हैं और वे लंबे समय से बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों, जबरन गायब किए जाने और अन्य मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही हैं।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, मामले में आरोप प्रदर्शन के दौरान हिंसा और सुरक्षा कर्मी की मौत से जुड़े थे। वहीं महरंग बलोच और उनके समर्थकों ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है।
फैसले के बाद बलूच यकजहती कमेटी और मानवाधिकार समर्थकों की ओर से विरोध जताया गया है। समर्थकों का कहना है कि यह मामला शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब बलूचिस्तान में लंबे समय से राजनीतिक अधिकारों, सुरक्षा नीतियों और संसाधनों को लेकर तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि अदालतें स्वतंत्र रूप से काम करती हैं और फैसला पेश किए गए सबूतों के आधार पर दिया गया है।