लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: देशभर के विभिन्न महिला संगठनों ने संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को बिना किसी और देरी के लागू करने की मांग तेज कर दी है। संगठनों ने केंद्र सरकार से तत्काल प्रभाव से आरक्षण लागू करने की अपील करते हुए 20 जुलाई को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है।
महिला संगठनों के संयुक्त मंच नेशनल काउंसिल ऑफ वूमेन राइट्स (NCWR) का कहना है कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का वादा लंबे समय से किया जा रहा है, लेकिन इसका क्रियान्वयन लगातार टलता रहा है। संगठन की मांग है कि महिला आरक्षण को परिसीमन (Delimitation) या अन्य प्रक्रियाओं से अलग करते हुए तत्काल लागू किया जाए।
संगठनों ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए अब और इंतजार उचित नहीं है। उनका कहना है कि संसद और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने से नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और लोकतंत्र अधिक समावेशी बनेगा।
प्रदर्शन के तहत 20 जुलाई को विभिन्न राज्यों की राजधानियों और जिला मुख्यालयों पर धरना, रैली और ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महिला संगठनों ने सभी सामाजिक संगठनों और नागरिकों से इस अभियान में शामिल होने की अपील भी की है।
इस बीच, महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विभिन्न दलों और महिला अधिकार संगठनों का कहना है कि महिलाओं को समान राजनीतिक अवसर सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।