लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Ebola के Bundibugyo स्ट्रेन के लिए पहला डायग्नोस्टिक टेस्ट अपनी Emergency Use Listing (EUL) में शामिल कर लिया है। यह निर्णय उस समय लिया गया है जब मध्य अफ्रीका, खासकर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इस घातक वायरस का प्रकोप जारी है।
इस नए स्वीकृत टेस्ट के जरिए संदिग्ध मरीजों के नमूनों की तेज और सटीक जांच संभव होगी, जिससे संक्रमण की पहचान समय रहते की जा सकेगी। अभी तक इस स्ट्रेन की पुष्टि में समय लगता था, जिससे इलाज और आइसोलेशन में देरी होती थी।
WHO के अनुसार, इस फैसले से आउटब्रेक के नियंत्रण में बड़ी मदद मिलेगी क्योंकि अब फील्ड लेवल पर भी जांच क्षमता बढ़ेगी और लैब पर निर्भरता कुछ हद तक कम होगी।
Bundibugyo Ebola स्ट्रेन को एक गंभीर वायरल बीमारी माना जाता है, जिसके लिए अब तक कोई व्यापक रूप से स्वीकृत वैक्सीन या विशिष्ट इलाज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में तेज डायग्नोस्टिक क्षमता को बेहद अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल मौजूदा आउटब्रेक को नियंत्रित करने में मदद करेगा, बल्कि भविष्य में ऐसे संक्रमणों के लिए वैश्विक तैयारी को भी मजबूत करेगा।