लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
यूएई सरकार का ग्रीन वीज़ा उन विदेशी नागरिकों के लिए एक खास रेज़िडेंसी परमिट है, जो लंबे समय तक देश में बिना कंपनी स्पॉन्सर के रहना और काम करना चाहते हैं। यह वीज़ा 5 साल की अवधि के लिए दिया जाता है और इसे रिन्यू भी किया जा सकता है।
यह सुविधा खास तौर पर स्किल्ड प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर, इन्वेस्टर्स और सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों के लिए बनाई गई है। इसके जरिए व्यक्ति को किसी कंपनी या नियोक्ता की स्पॉन्सरशिप की जरूरत नहीं होती और वह खुद के आधार पर UAE में रह सकता है।
मुख्य नियम (Eligibility)
- स्किल्ड वर्कर्स के पास मान्य जॉब कॉन्ट्रैक्ट और योग्य डिग्री होना जरूरी
- फ्रीलांसर या सेल्फ-एम्प्लॉयड के लिए आय का निश्चित स्तर दिखाना होता है
- निवेशकों को बिज़नेस या निवेश से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होती हैं
प्रमुख फायदे
- 5 साल तक रेज़िडेंसी (रिन्यूअल संभव)
- कंपनी स्पॉन्सर की जरूरत नहीं
- फैमिली (पत्नी/बच्चे) को भी स्पॉन्सर करने की सुविधा
- वीज़ा खत्म होने के बाद ग्रेस पीरियड भी मिलता है
खर्च और प्रक्रिया
सरकारी फीस और कुल खर्च व्यक्ति की कैटेगरी और स्थिति के अनुसार बदल सकता है। आवेदन UAE के आधिकारिक इमिग्रेशन पोर्टल या अप्रूव्ड चैनलों से किया जाता है।
निष्कर्ष
ग्रीन वीज़ा UAE की उन नीतियों में से एक है जो ग्लोबल टैलेंट को आकर्षित करने और उन्हें लंबे समय तक देश में रहने की सुविधा देने के लिए बनाई गई है।