लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन आव्रजन नियमों में बड़े बदलावों की तैयारी कर रहा है, जिनमें H-1B वीजा, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड और अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़े नियम शामिल हैं। इन बदलावों का असर भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर अधिक पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
H-1B वीजा अमेरिका में विदेशी कुशल कर्मचारियों को काम करने की अनुमति देता है और भारतीय आईटी पेशेवर लंबे समय से इसके सबसे बड़े लाभार्थी समूहों में शामिल रहे हैं। प्रस्तावित सख्ती में वीजा पात्रता, नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बदलाव शामिल हो सकते हैं।
ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में संभावित बदलाव भी भारतीय आवेदकों के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि रोजगार आधारित श्रेणियों में भारतीय नागरिकों को पहले से ही लंबे इंतजार का सामना करना पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए भी वीजा नियमों और पढ़ाई के बाद काम करने के अवसरों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव की संभावना जताई गई है। अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और पेशेवर इन कार्यक्रमों पर निर्भर हैं, इसलिए नई नीतियों का प्रभाव व्यापक हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतिम नियम लागू होने के बाद ही इसके वास्तविक प्रभाव स्पष्ट होंगे। फिलहाल भारतीय समुदाय और अमेरिकी कंपनियां संभावित बदलावों पर नजर बनाए हुए हैं।