लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल (E20) मिश्रण की नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 3.6 करोड़ भारतीयों पर बिना पर्याप्त वैज्ञानिक निष्कर्षों के एक बड़ा प्रयोग कर रही है। यह बयान सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि E20 मिश्रण के पूरे प्रभाव का स्पष्ट आकलन अगले वर्ष तक हो सकेगा।
प्रियंक खड़गे ने कहा कि जब सरकार स्वयं इसे एक "प्रयोग" मान रही है, तो करोड़ों लोगों को इसका हिस्सा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने E20 नीति की समीक्षा करने और इसके प्रभावों पर पारदर्शिता बरतने की मांग की।
वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी स्पष्ट किया कि E20 नीति जारी रहेगी और इसके दीर्घकालिक परिणामों का व्यापक मूल्यांकन अगले वर्ष तक सामने आएगा।