लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
इस्लामाबाद: सिंधु जल विवाद को लेकर पाकिस्तान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है। पाकिस्तान का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय जल समझौतों का सम्मान नहीं किया गया, तो इसका असर केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित प्रणाली भी प्रभावित हो सकती है।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि सिंधु जल से जुड़े समझौतों का पालन क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक है। उनका कहना है कि इस मुद्दे का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून और द्विपक्षीय समझौतों के दायरे में होना चाहिए।
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि लंबे समय से जल बंटवारे का आधार रही है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ने के बाद इस संधि और जल प्रबंधन को लेकर भी विवाद गहराया है।
भारत का रुख रहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप और संधि के प्रावधानों के तहत ही जल संसाधनों का उपयोग करेगा। वहीं पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जल संसाधनों से जुड़े विवादों का समाधान संवाद, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के सम्मान के जरिए ही संभव है।