लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
जापान के प्रधानमंत्री का प्रस्तावित असम दौरा भले ही रद्द हो गया हो, लेकिन इससे पूर्वोत्तर भारत की रणनीतिक अहमियत कम नहीं हुई है। भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और जापान की 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक' (FOIP) रणनीति में यह क्षेत्र आज भी प्रमुख स्थान रखता है।
पूर्वोत्तर भारत दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार माना जाता है। जापान इस क्षेत्र में सड़क, पुल, जलापूर्ति, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लंबे समय से निवेश कर रहा है। भारत-जापान एक्ट ईस्ट फोरम के जरिए भी कई विकास परियोजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि असम का दौरा रद्द होना केवल कार्यक्रम में बदलाव है, जबकि जापान की दीर्घकालिक रणनीति में पूर्वोत्तर भारत आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय संपर्क और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संतुलन बनाने के लिहाज से पहले की तरह ही महत्वपूर्ण बना हुआ है।