लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में मानसून के दौरान पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र की मौत के बाद राज्य सरकार के एक मंत्री के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मंत्री ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "पेड़ों का गिरना स्वाभाविक है।" इस बयान के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार की संवेदनशीलता और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, तेज बारिश और खराब मौसम के बीच एक बड़ा पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र उसकी चपेट में आ गया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।
मंत्री के बयान के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है। विपक्ष का कहना है कि समय पर कमजोर और जर्जर पेड़ों की पहचान कर उनकी छंटाई या हटाने की व्यवस्था की जाती, तो इस तरह की दुखद घटना टाली जा सकती थी।
वहीं, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित विभागों को शहर में खतरनाक पेड़ों का सर्वेक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मानसून के मौसम में नागरिकों से भी खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
इस घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में पेड़ों के रखरखाव, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर बहस छेड़ दी है।