लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
राजस्थान की राजधानी जयपुर सिर्फ किलों और महलों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने चमकदार रत्न बाजार के लिए भी दुनिया भर में पहचान रखता है। यहां की गलियों में पन्ना, पुखराज, माणिक, नीलम जैसे कीमती रत्नों की खरीद-बिक्री होती है। जयपुर को रंगीन रत्नों की कटिंग और पॉलिशिंग के बड़े केंद्रों में गिना जाता है।
जयपुर के पुराने शहर में स्थित जोहरी बाजार और आसपास के इलाकों में कई छोटे-बड़े कारोबारी रत्नों का व्यापार करते हैं। यहां कच्चे पत्थरों को तराशकर खूबसूरत जेम्स तैयार किए जाते हैं। कई व्यापारी पीढ़ियों से इस कारोबार से जुड़े हुए हैं।
इस बाजार की खास बात यह है कि यहां महंगे रत्नों के साथ-साथ कम कीमत वाले रंगीन पत्थर भी मिल जाते हैं। सड़क किनारे छोटे स्टॉल और दुकानों पर भी रत्नों की बिक्री देखने को मिलती है, जहां ग्राहक अलग-अलग आकार और रंग के पत्थर देख सकते हैं।
हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कीमती रत्न खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, असली होने की जांच और प्रमाण पत्र जरूर देखना चाहिए। क्योंकि बाजार में असली और नकली पत्थरों की पहचान करना आसान नहीं होता।
जयपुर का यह रत्न कारोबार सिर्फ खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर की सदियों पुरानी कारीगरी, ज्वेलरी परंपरा और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा है।