लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
भारत के एक राज्य में स्कूलों के दोपहर के भोजन (मिड-डे मील) से अंडे हटाने के फैसले के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस निर्णय को लेकर अभिभावकों, शिक्षाविदों और पोषण विशेषज्ञों के बीच बहस शुरू हो गई है।
अंडे को बच्चों के लिए प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल भोजन योजनाओं में पौष्टिक विकल्पों की उपलब्धता बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए जरूरी है।
वहीं, सरकार और अधिकारियों की ओर से इस बदलाव के पीछे स्थानीय नीतियों और अन्य कारणों का हवाला दिया गया है। उनका कहना है कि स्कूल भोजन योजना को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित किया जा रहा है।
फैसले के बाद कुछ संगठनों और अभिभावकों ने मांग की है कि बच्चों के पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे की समीक्षा की जाए।
भारत में मिड-डे मील योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाना रहा है। भोजन मेन्यू को लेकर राज्यों में अलग-अलग नीतियां लागू हैं।