लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अमेरिकी जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation ने बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' नाम दिया गया, जिसके तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में फैले कथित आपराधिक नेटवर्क को निशाना बनाया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा था। इसमें हत्या, जबरन वसूली, ड्रग्स तस्करी, हथियारों के इस्तेमाल और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कई ठिकानों पर छापेमारी की गई और करीब दो दर्जन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
क्या है ऑपरेशन हार्ड बॉल?
'ऑपरेशन हार्ड बॉल' एक अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन अभियान है, जिसका उद्देश्य भारत से जुड़े कथित ट्रांसनेशनल क्राइम सिंडिकेट्स पर शिकंजा कसना है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन नेटवर्क्स का इस्तेमाल कथित तौर पर हिंसक वारदातों, धमकियों, वसूली और अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग क्यों आया FBI के रडार पर?
अमेरिकी अधिकारियों ने बिश्नोई गैंग को उन संगठित अपराध समूहों में शामिल बताया है, जिनकी गतिविधियां कई देशों तक फैली हुई बताई गई हैं। जांच में गैंग के कथित विदेशी कनेक्शन, हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी तथा हिंसक घटनाओं से जुड़े मामलों की पड़ताल की गई।
छापेमारी में क्या मिला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई स्थानों पर कार्रवाई हुई। अधिकारियों ने हथियार, ड्रग्स और नकदी जैसी चीजें बरामद करने का दावा किया है।
इस कार्रवाई के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर जांच और तेज होने की संभावना है। एजेंसियां अब कथित आपराधिक गतिविधियों की फंडिंग, संपर्कों और विदेशों में मौजूद सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही हैं।