लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिल्ली सरकार राजधानी की हर जमीन, मकान, फ्लैट और व्यावसायिक संपत्ति के लिए DUPIC (Delhi Urban Property Identity Card) लागू करने की तैयारी कर रही है। आधार कार्ड की तरह हर संपत्ति को एक यूनिक डिजिटल पहचान दी जाएगी, जिसमें QR कोड के माध्यम से उसकी प्रमाणित जानकारी उपलब्ध होगी। इसके लिए सरकार नया कानून लाने और चरणबद्ध सर्वे कराने की योजना पर काम कर रही है।
DUPIC कार्ड में संपत्ति के मालिक का विवरण, रजिस्ट्री रिकॉर्ड, हाउस टैक्स, बिजली-पानी कनेक्शन और अन्य सरकारी रिकॉर्ड एकीकृत किए जाएंगे। QR कोड स्कैन करते ही संबंधित विभाग सत्यापित जानकारी देख सकेंगे, जिससे फर्जी दस्तावेज, डुप्लीकेट रजिस्ट्री और मालिकाना हक से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
इस नई व्यवस्था से DDA, MCD, NDMC, राजस्व विभाग, बिजली कंपनियां, जल बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों के रिकॉर्ड आपस में जुड़े रहेंगे। किसी संपत्ति की खरीद-बिक्री के बाद नए मालिक की जानकारी डिजिटल रूप से संबंधित विभागों तक पहुंच सकेगी, जिससे नामांतरण और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि DUPIC प्रणाली लागू होने से प्रॉपर्टी धोखाधड़ी, अवैध कब्जे और रिकॉर्ड में गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा। साथ ही नागरिकों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम होगी और संपत्ति से जुड़ी सेवाएं अधिक डिजिटल एवं पारदर्शी बनेंगी।