लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: भारत में सशस्त्र बलों के सबसे बड़े सैन्य सुधारों में शामिल थिएटर कमांड व्यवस्था को जल्द नई गति मिल सकती है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि इस महीने के अंत तक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने थिएटराइजेशन की विस्तृत रणनीति और आगे की कार्ययोजना प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद रक्षा मंत्रालय की मंजूरी मिलने पर प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास भेजा जाएगा।
जनरल राजा सुब्रमणि ने हाल ही में भारत के तीसरे CDS का पद संभाला है। उनके पूर्ववर्ती जनरल अनिल चौहान अपने कार्यकाल के दौरान थिएटर कमांड का प्रारूप तैयार कर चुके थे। अब नए CDS सभी हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा कर इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के संसाधनों को बेहतर समन्वय के साथ संचालित करने के लिए तीन प्रमुख थिएटर कमांड बनाए जाएंगे। इनमें उत्तरी थिएटर कमांड (चीन सीमा), पश्चिमी थिएटर कमांड (पाकिस्तान सीमा) और मैरीटाइम थिएटर कमांड (समुद्री सुरक्षा) शामिल होंगे। इसके अलावा एक वाइस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (VCDS) का नया चार-स्टार पद भी सृजित किया जाएगा।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि थिएटर कमांड प्रणाली लागू होने से तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त संचालन, संसाधनों का बेहतर उपयोग और युद्ध जैसी परिस्थितियों में तेज निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। यह भारतीय सैन्य ढांचे में स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़े संरचनात्मक बदलावों में से एक माना जा रहा है।
यदि रक्षा मंत्री और इसके बाद कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से मंजूरी मिल जाती है, तो भारत में एकीकृत थिएटर कमांड व्यवस्था लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठ जाएगा, जिससे देश की सैन्य क्षमता और संयुक्त युद्धक तैयारी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।