लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 6 जुलाई 2026 को Startup Policy 2026 को मंजूरी दे दी है। इस नीति का उद्देश्य राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और नवाचार आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
नई नीति के तहत पात्र स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें 15 लाख रुपये तक सीड फंडिंग का प्रावधान किया गया है। वहीं रणनीतिक महत्व वाले प्रोजेक्ट्स को 50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
स्टार्टअप्स को शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का Startup Fund बनाया जाएगा। इसके अलावा चयनित स्टार्टअप्स को दो साल तक हर महीने 20 हजार रुपये का सस्टेनेंस अलाउंस भी दिया जा सकता है।
नीति में प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए मिलने वाली ग्रांट को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। साथ ही क्लाउड सर्विस के खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए हर साल 2 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान रखा गया है।
डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन
Startup Policy 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों से जुड़े डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसे अत्याधुनिक तकनीकी उद्यमों को 100 करोड़ रुपये तक पेशेंट कैपिटल उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इन्क्यूबेटर्स को भी वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके तहत इन्क्यूबेटर्स को 1.25 करोड़ रुपये तक की कैपिटल ग्रांट और पूर्वांचल व बुंदेलखंड क्षेत्र के इन्क्यूबेटर्स को 1.5 करोड़ रुपये तक की सहायता मिल सकती है। इनके संचालन के लिए वार्षिक अनुदान 40 लाख रुपये तक हो सकता है।
Startup Mission को मिली जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को एक स्वायत्त संस्था के रूप में मंजूरी दी गई है। यह संस्था स्टार्टअप नीति के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी और यह जिम्मेदारी पहले संभाल रही UP Electronics Corporation Ltd. की जगह लेगी। संस्था का नेतृत्व मुख्य सचिव करेंगे।
नई नीति में महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांग उद्यमियों, ट्रांसजेंडर उद्यमियों और पूर्वांचल व बुंदेलखंड क्षेत्र के स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य इस नीति के जरिए राज्य के स्टार्टअप नेटवर्क को विस्तार देना और 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश के योगदान को बढ़ाना है।