लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM बेंगलुरु) ने इंडोनेशिया में अपना पहला विदेशी कैंपस स्थापित करने की घोषणा की है। यह कैंपस पूर्वी जावा के मलांग स्थित सिंघासारी स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में बनाया जाएगा। इसकी घोषणा 7 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हुई।
यह IIM बेंगलुरु का पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस होगा। इसके लिए PT Intelegensia Grahatama, जो सिंघासारी SEZ के विकास और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालती है, के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति बनी है।
दो चरणों में होगा विकास
इस परियोजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में नियमित मैनेजमेंट डिग्री प्रोग्राम संचालित किए जाएंगे।
कैंपस में ग्लोबल सप्लाई चेन मैनेजमेंट, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जलवायु एवं सतत विकास तथा हेल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे आधुनिक विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारत-इंडोनेशिया सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल भारत और इंडोनेशिया के बीच शिक्षा, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का हिस्सा है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के विद्यार्थियों और पेशेवरों को विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा उपलब्ध कराना है।
भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 उच्च शिक्षण संस्थानों को वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए प्रोत्साहित करती है। इसी दिशा में भारतीय संस्थान विदेशों में अपने कैंपस स्थापित कर रहे हैं।
इससे पहले IIM अहमदाबाद ने दुबई में, IIT मद्रास ने जंजीबार और IIT दिल्ली ने अबू धाबी में अपने विदेशी कैंपस स्थापित किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि IIM बेंगलुरु का इंडोनेशिया कैंपस भारत की वैश्विक शिक्षा उपस्थिति को मजबूत करेगा और दक्षिण-पूर्व एशिया में शैक्षणिक सहयोग के नए अवसर खोलेगा।