लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
फुटबॉल की दुनिया में कुछ कहानियां खेल से आगे बढ़कर संघर्ष और हौसले की मिसाल बन जाती हैं। ऐसी ही कहानी है एक ऐसे फुटबॉलर की, जो मैदान पर मौत के करीब पहुंच गए थे, लेकिन वापसी के बाद उन्होंने कोच बनकर इतिहास रच दिया।
मैच के दौरान इस खिलाड़ी को अचानक दिल का दौरा पड़ा और कुछ समय के लिए उनकी धड़कन रुक गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह करीब सात मिनट तक चिकित्सकीय रूप से मृत स्थिति में रहे। हालांकि, समय पर मिली मेडिकल मदद और इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने जिंदगी की जंग जीत ली।
खेल में वापसी के बाद उन्होंने अपना अनुभव नई भूमिका में इस्तेमाल किया और कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। उनकी रणनीति और नेतृत्व क्षमता ने टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
कोच के रूप में उन्होंने ऐसी टीम तैयार की जिसने वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर मजबूत मानी जाने वाली ब्राजील की टीम को मात देकर सभी को चौंका दिया। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ खेल की जीत नहीं थी, बल्कि संघर्ष के बाद सफलता हासिल करने की प्रेरणा भी बनी।
इस कहानी ने दुनिया को दिखाया कि मुश्किल हालात भी किसी व्यक्ति के जुनून और हिम्मत को खत्म नहीं कर सकते। एक खिलाड़ी से कोच बने इस शख्स ने साबित किया कि वापसी की कोई उम्र या सीमा नहीं होती।