लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने हाल ही में हिंदी और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के बीच महिलाओं के लिए मौजूद अलग-अलग अपेक्षाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि साउथ सिनेमा में महिला कलाकारों पर अक्सर अधिक सख्त और सीमित भूमिकाओं का दबाव होता है, जबकि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों को अपनी पसंद के अनुसार भूमिकाएं चुनने की अधिक आज़ादी मिलती है।
अपने लंबे करियर का जिक्र करते हुए तमन्ना ने कहा कि कई बार साउथ इंडस्ट्री का नजरिया महिलाओं के प्रति अधिक “पितृसत्तात्मक” माना जाता है, जिसमें ग्लैमर और परफॉर्मेंस दोनों को एक साथ संतुलित करने की अपेक्षा रहती है।
उन्होंने यह भी कहा कि आइटम सॉन्ग्स को अक्सर गलत नजर से देखा जाता है, लेकिन ये लोकप्रिय संस्कृति का अहम हिस्सा हैं और दर्शकों के बीच इनकी बड़ी स्वीकार्यता है।