लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: हर वर्ष 26 जून को संयुक्त राष्ट्र (UN) की ओर से विश्व मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ वैश्विक जागरूकता बढ़ाना तथा समाज को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को मजबूत करना है।
भारत में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नेतृत्व में 'नशा मुक्त भारत अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, समुदायों और विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, शपथ ग्रहण, परामर्श और पुनर्वास गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज पर भी गंभीर असर डालती है। समय पर परामर्श, उपचार और सामाजिक सहयोग से नशे की लत से बाहर निकलना संभव है।
इस अवसर पर लोगों से अपील की जाती है कि वे नशे से दूर रहें, दूसरों को भी जागरूक करें और 'नशा मुक्त भारत अभियान' से जुड़कर स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में योगदान दें।