गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच अब युवाओं में डिजिटल डिटॉक्स का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। 2026 में बड़ी संख्या में लोग सप्ताह में कुछ घंटे या पूरे दिन मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर समय बिता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार स्क्रीन पर समय बिताने से तनाव, चिंता और नींद से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं।
युवा अब योग, मेडिटेशन, आउटडोर एक्टिविटी, किताबें पढ़ने और परिवार के साथ समय बिताने जैसी गतिविधियों को अपना रहे हैं। कई कॉरपोरेट कंपनियां भी कर्मचारियों के लिए 'नो स्क्रीन आवर' और डिजिटल वेलनेस प्रोग्राम शुरू कर रही हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि डिजिटल डिटॉक्स मानसिक स्वास्थ्य सुधारने, एकाग्रता बढ़ाने और जीवन में संतुलन बनाए रखने का प्रभावी तरीका बन सकता है।