लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में जारी टकराव के बीच कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जो 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है।
इस उछाल की सबसे बड़ी वजह Donald Trump की सख्त रणनीति मानी जा रही है, जिन्होंने ईरान पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी जारी रखने का संकेत दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में रुकावट के कारण लाखों बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में कमी और कीमतों में उछाल देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा चलता है, तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई, ट्रांसपोर्ट कॉस्ट और ग्लोबल इकोनॉमी पर बड़ा असर पड़ेगा।