गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की आपूर्ति को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस (PNG) पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले का उद्देश्य गैस पाइपलाइन बिछाने में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को खत्म करना और अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाना है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है।
राज्य सरकार PNG परियोजना को तेजी से लागू करने के लिए राज्यस्तरीय टास्क फोर्स और जिला स्तर पर समितियों का गठन कर रही है। इसके तहत हर सप्ताह समीक्षा बैठक होगी और कलेक्टरों को मासिक प्रगति रिपोर्ट भेजनी होगी।
रायपुर, गरियाबंद और बलौदाबाजार जिलों में सिटी गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का शुभारंभ हो चुका है। रायपुर में करीब एक लाख घरों तक पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए लगभग 800 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
राज्य में गैस नेटवर्क विस्तार के लिए अगले तीन वर्षों में लगभग 1000 करोड़ रुपये निवेश की योजना है। नागपुर से झारसुगुड़ा तक बिछने वाली मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से प्रदेश के 13 जिलों को जोड़ा जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत जहां पाइपलाइन उपलब्ध होगी, वहां तीन महीने के भीतर कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जा सकता है। ऐसा न करने पर एलपीजी कोटा बंद होने की संभावना भी जताई गई है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल गैस आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल ईंधन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को सुरक्षित व सुविधाजनक ऊर्जा विकल्प मिल सकेगा।