लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Canada में एक अनोखा कानूनी मामला इन दिनों चर्चा में है, जहां एक ड्राइवर ने रेड लाइट क्रॉसिंग के चालान के खिलाफ खुद अदालत में लड़ाई लड़ी और आखिरकार 18 साल बाद जीत हासिल कर ली। यह मामला अब न्याय व्यवस्था और ट्रैफिक कानूनों को लेकर बहस का विषय बन गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्राइवर को सालों पहले रेड लाइट पार करने के आरोप में चालान जारी किया गया था। लेकिन उसने शुरुआत से ही खुद को निर्दोष बताया और अदालत में केस लड़ने का फैसला किया। खास बात यह रही कि उसने बिना किसी बड़े कानूनी समर्थन के खुद अपनी पैरवी की।
लंबी सुनवाई और कई कानूनी प्रक्रियाओं के बाद अदालत ने पाया कि मामले में पर्याप्त तकनीकी और प्रक्रियागत खामियां थीं। इसके बाद कोर्ट ने चालान रद्द करते हुए ड्राइवर के पक्ष में फैसला सुनाया।
स्थानीय मीडिया के अनुसार यह मामला कनाडा में ट्रैफिक प्रवर्तन और कैमरा आधारित चालान प्रणाली को लेकर भी नई बहस छेड़ सकता है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और प्रक्रिया की पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। लोग ड्राइवर के धैर्य और लगातार कानूनी लड़ाई की चर्चा कर रहे हैं। कई यूजर्स इसे “18 साल की जिद और न्याय की जीत” बता रहे हैं।