अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
आज़मगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में गौतस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। निजामाबाद और फूलपुर थाना क्षेत्रों में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पुलिस ने चार गोतस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपित पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हो गए।
पहली मुठभेड़ निजामाबाद थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस रंगभरी होली के मद्देनजर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि गौवध निवारण अधिनियम के मामले में वांछित आरोपी मेराज अपने साथी नासिर के साथ बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से नेवादा की ओर जा रहा है।
पुलिस ने नेवादा पुल के पास घेराबंदी की। आरोपियों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मेराज के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेज दिया गया। मौके से अवैध तमंचा, कारतूस, मोबाइल, नगद और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई। उसका साथी नासिर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
दूसरी मुठभेड़ फूलपुर थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आमिर के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथी साकिब और युसुफ को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस, चापड़ और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे सुनसान इलाकों में गौवंश पकड़कर अवैध वध करते थे और मांस को ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है।