लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Ajit Doval ऐसे समय रूस पहुंचे हैं, जब मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। मॉस्को में आयोजित सुरक्षा बैठक के दौरान डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
रूस की राजधानी मॉस्को में हुई अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बैठक में कई देशों के सुरक्षा और खुफिया प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान डोभाल ने कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की चुनौती है और इसके खिलाफ “डबल स्टैंडर्ड” नहीं होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद को किसी भी रूप में समर्थन, फंडिंग या राजनीतिक संरक्षण देना वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा है और इस मुद्दे पर लगातार सख्त रुख अपनाता रहा है।
डोभाल ने साइबर सुरक्षा, कट्टरपंथ और उभरते भू-राजनीतिक संकटों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात में देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक रूस दौरे के दौरान भारत और रूस के बीच रक्षा, खुफिया साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मॉस्को और नई दिल्ली लंबे समय से रणनीतिक साझेदार रहे हैं और दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग लगातार मजबूत होता रहा है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती टकराव की स्थिति के बीच डोभाल का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रहा है।
भारत ने हमेशा यह कहा है कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए आतंकवाद के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जरूरी है। डोभाल का मॉस्को दौरा भी इसी रणनीतिक संदेश का हिस्सा माना जा रहा है।