गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण में, जब सोवियत सेना बर्लिन पर कब्जा करने के करीब पहुंच चुकी थी, तब Adolf Hitler ने 30 अप्रैल 1945 को अपने फ्यूहरर बंकर में आत्महत्या कर ली। World War II के इस निर्णायक मोड़ पर जर्मनी की हार लगभग तय हो चुकी थी।
इतिहासकारों के अनुसार, हिटलर ने खुद को गोली मारी, जबकि उनकी पत्नी ईवा ब्राउन ने साइनाइड कैप्सूल खाकर जान दी। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि हिटलर ने गोली चलाने से पहले साइनाइड भी लिया था।
यह घटना बर्लिन के उस भूमिगत बंकर में हुई, जहां हिटलर अपने अंतिम दिनों में छिपे हुए थे। उन्होंने पकड़े जाने के डर से आत्महत्या का फैसला लिया था।
मौत के बाद, उनके निर्देश के अनुसार, उनके और ईवा ब्राउन के शवों को बंकर के बाहर ले जाकर जला दिया गया, ताकि उनकी पहचान या शव दुश्मनों के हाथ न लग सके।
हिटलर की मौत के तरीके को लेकर कई सालों तक भ्रम और साजिश सिद्धांत चलते रहे, लेकिन ज्यादातर इतिहासकार इस बात पर सहमत हैं कि उन्होंने गोली मारकर आत्महत्या की थी, संभवतः साइनाइड के साथ।