लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
अदिति जैन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बीच रक्षा क्षेत्र में संभावित समझौतों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग के तहत S-400 एयर डिफेंस सिस्टम से लेकर Su-57 फाइटर जेट तक कई विकल्पों पर नजर है।
S-400 सिस्टम पहले से ही भारतीय वायुसेना के बेड़े का हिस्सा है और इसकी अतिरिक्त यूनिट्स तथा संबंधित सहयोग को लेकर चर्चा अहम हो सकती है। वहीं, रूस के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट को लेकर भी भारत की संभावित दिलचस्पी पर नजर बनी हुई है।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच सैन्य तकनीक, स्पेयर पार्ट्स, रखरखाव और रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने से जुड़े मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा हो सकते हैं। भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन नीति को देखते हुए किसी भी नए समझौते में स्थानीय उत्पादन और तकनीकी सहयोग महत्वपूर्ण पहलू रहेंगे।
हालांकि, किसी भी संभावित डील को लेकर आधिकारिक घोषणा होने तक इसे संभावना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। पुतिन के दौरे में होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत के नतीजों से साफ होगा कि भारत-रूस रक्षा साझेदारी को आगे किस दिशा में ले जाया जाता है।