नई दिल्ली: भारत और ब्रिटेन के रक्षा संबंधों में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। पहली बार भारतीय वायुसेना (IAF) के तीन योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर वेल्स स्थित RAF Valley में तैनात हुए हैं, जहां वे Royal Air Force (RAF) के पायलटों को Hawk T2 और Texan T1 विमानों पर प्रशिक्षण देंगे।
यह तैनाती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब नौ दशक पहले ब्रिटिश वायुसेना ने भारत के शुरुआती सैन्य पायलटों के प्रशिक्षण में भूमिका निभाई थी। अब बदलते रक्षा संबंधों के बीच भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षक ब्रिटिश पायलटों को फास्ट-जेट उड़ान के अगले चरण के लिए तैयार करने में योगदान दे रहे हैं।
इन प्रशिक्षकों की दो वर्ष की तैनाती फरवरी में हुई वार्ताओं और 2025 में हुए समझौते के बाद संभव हुई है। प्रशिक्षक प्रशासनिक रूप से IAF कमान के तहत रहेंगे, जबकि उनके दैनिक प्रशिक्षण कार्यों का नेतृत्व RAF करेगा।
RAF Valley में प्रशिक्षण पूरा करने वाले पायलट आगे चलकर ब्रिटेन के Typhoon और F-35 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों के लिए अपनी तैयारी जारी रखते हैं। ऐसे में भारतीय प्रशिक्षकों की भूमिका दोनों देशों के बीच सैन्य एविएशन सहयोग के बढ़ते दायरे को दर्शाती है।
इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा प्रतीकात्मक पहलू यह है कि जिस भारतीय वायुसेना की शुरुआती नींव ब्रिटिश शासन के दौर में पड़ी थी और जिसके पायलटों को कभी ब्रिटिश विशेषज्ञता से प्रशिक्षण मिला था, वही भारतीय विशेषज्ञता अब ब्रिटिश पायलटों को प्रशिक्षित कर रही है। यह बदलाव भारत-ब्रिटेन रक्षा साझेदारी में बढ़ते विश्वास और पेशेवर सहयोग को रेखांकित करता है।
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमित कुमार पांडेय