लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (BBC) की एक जांच रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भारत सहित कई देशों में बाल यौन शोषण (CSAM) से जुड़ी सामग्री के प्रसार को बढ़ावा देने वाले विज्ञापन चलाए गए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन विज्ञापनों और कंटेंट के जरिए प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था और मॉडरेशन सिस्टम की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे कंटेंट और विज्ञापनों को रोकने के लिए कंपनी के पास नीतियां मौजूद होने के बावजूद कुछ मामलों में ये सामग्री प्लेटफॉर्म पर बनी रही। इससे यह चिंता और बढ़ गई है कि एल्गोरिद्म आधारित विज्ञापन प्रणाली में खामियां हो सकती हैं, जिनका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस खुलासे के बाद डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों और बाल संरक्षण संगठनों ने सोशल मीडिया कंपनियों से अधिक सख्त निगरानी और तेज कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में देरी या लापरवाही बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
हालांकि प्लेटफॉर्म की ओर से पहले भी दावा किया गया है कि वह अवैध और आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने के लिए रिपोर्टिंग टूल्स और AI मॉडरेशन सिस्टम का उपयोग करता है, लेकिन BBC की इस जांच ने इन दावों की प्रभावशीलता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में केवल तकनीक पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानवीय मॉडरेशन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग भी जरूरी है ताकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाया जा सके।