लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे कमजोर होकर 95.28 पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती, आयातकों की डॉलर मांग और बाहरी बाजारों के दबाव का असर घरेलू मुद्रा पर देखने को मिला।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, निर्यातकों की डॉलर बिक्री और अमेरिकी मुद्रा की चाल इस सप्ताह रुपये की दिशा तय करेंगे। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से रुपये को कुछ सहारा मिल सकता है, लेकिन वैश्विक आर्थिक संकेतकों और निवेशकों की धारणा पर बाजार की नजर बनी हुई है।
विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के मुताबिक, यदि विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ता है तो रुपये को मजबूती मिल सकती है। वहीं, डॉलर की लगातार मजबूती और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निकट भविष्य में रुपये में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।