मोटर व्हीकल एक्ट: हवलदार शराब के नशे में वाहन चलाता मिला, ट्रैफिक पुलिस ने काटा 15 हजार का चालान जल्द ही दिल्ली-कटरा के बीच चलेगी देश की दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस IAS बना गली ब्वॉय,पायी 77वीं रैंक अब देहरादून निवासी घर बैठे कराएं वाहन की प्रदूषण जांच कश्मीर मैं होगा अब विकास का राज: PM मोदी बागपत: महिला सिपाही पर हमला बाघपत: करंट लगने से महिला की मौत BCCI के ACU चीफ ने दिया सुझाव, कहा मैच फिक्सिंग-सट्टेबाज को लीगल किया जाए अब लखनऊ के उबर ड्राइवर ने अपनी मधुर आवाज के साथ लोगों का ध्यान किया आकर्षित IND vs SA, 2nd टी 20 मैच में कुछ ऐसा होगा मोहाली का पिच DRDO का अनमैन्ड एरियल व्हीकल दुर्घटनाग्रस्त एक छोटी सी चिड़ियां ने सिखाई ज़िन्दगी की सीख PM मोदी के जन्मदिन पर नेताओं ने दी बधाई मुझे कश्मीर के लोगों की चिंता : गुलाम नबी आजाद बढ़ी मुश्क़िलों में गिरा लालू का परिवार IRCTC टेंडर घोटाला में 2 दिसंबर से सुनवाई क्यों नहीं रोक पा रहा सऊदी अरब खुद पर हमला सोशल मीडिया पर बटोरीं सुर्खियां PM मोदी की 8 ड्रेसिंग स्टाइल ने एक हफ्ते में 5 रुपए महंगा हो सकता है पेट्रोल दिल्ली में सरेआम लड़की का हाईवोल्टेज ड्रामा, ने बचाया हजारों का चालान बागपत: छपरौली के एक गांव में मजदूर की ईटों से पीट-पीट कर हत्या

अब दूध के खाली पाउच के बदले मिलेंगे पैसे

Khushboo Diwakar 20-08-2019 12:18:27



  • आरसीडीएफ की पहल- प्लास्टिक की थैलियाें का निस्तारण कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की योजना
  • हर डेयरी बूथ पर कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे, बाद में डेयरियों पर ही इनका निस्तारण किया जाएगा
  • भीलवाड़ा : प्रदेश में डेयरी के दूध की जिन खाली थैलियाें काे हम कचरा समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं, अब उन्हीं थैलियाें काे डेयरी पैसा देकर लाेगाें से वापस खरीदेगी। इसके लिए हर डेयरी बूथ पर कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। प्रदेश में राजस्थान काॅ-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) इसकी डीपीआर बना रहा है।

    सभी डेयरियों को निर्देश जारी

    आरसीडीएफ यह प्लानिंग प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से डेयरियाें काे प्लास्टिक से बनी दूध की थैलियाें के निस्तारण के लिए जारी किए नाेटिस के बाद बना रहा है। मंडल की ओर से जारी किए नाेटिस के अनुसार प्रदेश की सभी डेयरियाें काे इसकी डीपीआर बनाकर देनी है कि वे कैसे प्लास्टिक से बनी दूध की थैलियाें का निस्तारण करेंगे, ताकि पर्यावरण संरक्षण हाे। इसके बाद असरसीडीएफ प्लान बना रहा है कि सभी डेयरी पर बूथ पर कलेक्शन सेंटर बनाकर खाली थैलियाें की एक निश्चित राशि तय करके उपभाेक्ताओं से वापस ली जाए और वहां से थैलियां डेयरी में एकत्रित करके वहां उनका निस्तारण किया जाए।

    प्रदेश में ऐसी 21 डेयरियां हैं
    भीलवाड़ा सरस डेयरी से राेज करीब डेढ़ लाख लीटर दूध की बिक्री है। इसमें 250 ग्राम से लेकर 5 किलाे तक की करीब 2.15 लाख थैलियां काम में ली जाती हैं। इन 2.15 लाख थैलियाें काे बनाने में करीब करीब 800 किलाे पाॅलिथीन काम में ली जाती है। यानी अकेली भीलवाड़ा डेयरी की थैलियाें काे बनाने में राेज करीब 800 किलाे पाॅलीथन हाेती है। इसके अलावा डेयरियां छाछ भी थैलियाें में बेचती है। इस तरह प्रदेश की सभी 21 डेयरियाें में राेज हजाराें किलाे पाॅलीथन दूध व छाछ की थैलियां बनाने में काम में ली जाती है।

    तीन स्टेज पर हाेगा कलेक्शन से लेकर निस्तारण का प्राेसेस

    • सबसे पहले हर बूथ पर उपभाेक्ताओं से खाली थैलियां वापस ली जाएगी। हर खाली थैली की एक निश्चित राशि दी जाएगी कि ताकि उपभाेक्ता थैलियां फैंकने के बजाय वापस कलेक्शन सेंटर पर जमा कराए।
    • डेयरी बूथ पर दूध देने के लिए आने वाली गाड़ी से ही इन थैलियाें काे वापस डेयरी पहुंचाया जाएगा।
    • हर डेयरी में ऐसा प्लांट लगाया जाएगा या फिर किसी तरह की तकनीक से इन थैलियाें का निस्तारण किया जाएगा।

    डेयरी से थैलियाें के निस्तारण के संबंध में डिटेल रिपाेर्ट मांगी गई है। डेयरी काे इन थैलियाें का निस्तारण करना है। -महावीर मेहता, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल

    थैलियाें के निस्तारण की प्लानिंग बना रहे हैं। पूरे प्रदेश में आरसीडीएफ लेवल पर यह प्लान तैयार किया जा रहा है कि हर डेयरी बूथ पर कलेक्शन सेंटर बनाकर थैलियाें काे उपभाेक्ताओं से कुछ पैसा देकर वापस खरीदा जाए। इसके बाद थैलियाें काे डेयरी मंगाकर उनका निस्तारण किया जाए। -एलके जैन, प्रबंध निदेशक, भीलवाड़ा सरस

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :