कोंडागांव के परेशान गांववालों ने बनाया जुगाड़ का पुल गाजियाबाद: सीवर लाइन की सफाई करने उतरे 5 सफाई कर्मियों की मौत पिछले 5 सालो में 56 गुना बड़ी देता खपत के साथ 22 गुना हुआ सस्ता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम CBI के सवालों से घिरे टीम इंडिया को धमकी देने वाला शख्श को लिया गया हिरासत में जन्माष्टमी के बारे में जानें सबकुछ सेंसेक्स 669 अंक लुढ़क, निफ्टी 193 प्वाइंट गिरकर 10750 के साथ हुआ बंद चिदंबरम को लेजाया जा रहा कोर्ट, थोड़ी देर होगी पेशी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्रा के सम्मान में नहीं चली सलामी की एक भी बन्दुक सच्चे आशिक़ हीर-राँझा का मकबरा जांच एजेंसी के गेस्ट हाउस में रात गुजारने के बाद आज आज सीबीआई कोर्ट में पेश होंगे चिदंबरम स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने शिक्षकों को पढ़ाया जाएगा पाठ पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर भड़क रही कांग्रेस 1 सितम्बर से राशनकार्डों का वितरण शुरू 25 साल बाद पर्दे पर लौटेगी सलमान-आमिर की जोड़ी, ज्वॉइंट वेंचर होगी 'अंदाज अपना-अपना 2' तुगलकाबाद हिंसा में भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर समेत 91 लोग गिरफ्तार, पैरामिलिट्री फोर्स तैनात सरकार द्वारा उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठाये जाने पर आर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों की हड़ताल अगले महीने से यूट्यूब करेगा इन फीचर्स को बंद, गूगल ने लिया हटाने का फैसला DJ बजाया तो भुगतना पड़ेगा भारी खामियाज़ा, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लगाई पाबंदी पेट्रोल और डीज़ल कीमतों में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लखनऊ में प्रदर्शन

मोदी सरकार की मंशा RTI को कमजोर करने की है, पर देश की जनता इसे पसंद नहीं करेगी: सोनिया गाँधी

Shweta Chauhan 23-07-2019 12:30:39



कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने आरटीआई कानून में संशोधन के प्रयासों की आलोचना की है. उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उनकी मंशा आरटीआई को कमजोर करने की है. केंद्र सरकार आरटीआई को कमजोर करने के लिए अपने बहुमत का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन इससे देश की जनता पसंद नहीं करेगी.

मंगलवार को एक बयान जारी कर सोनिया गांधी ने कहा, "यह अत्यंत चिंता का विषय है कि केंद्र सरकार ऐतिहासिक सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 को पूरी तरह से ध्वस्त करने पर आमदा है. यह कानून सलाह के बाद तैयार किया गया था और संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था, यह कानून अब खत्म होने के कगार है." बता दें कि सूचना का अधिकार (संशोधन) बिल 2019 के तहत सरकार को ये शक्ति मिल सकती है कि वह सूचना आयुक्तों की तनख्वाह और नौकरी की दूसरी शर्तों को तय कर सके.

सरकार के कदम की आलोचना करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले 10 सालों से ज्यादा समय में हमारे देश के 60 साल महिला-पुरुषों ने सूचना के अधिकार कानून का इस्तेमाल किया है और प्रशासन के अलग-अलग स्तरों पर पारदर्शिता लाने की कोशिश की है. सोनिया ने कहा कि इन प्रयासों की वजह से हमारा लोकतंत्र काफी मजबूत हुआ है. उन्होंने कहा कि सूचना अधिकार से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर इस कानून का इस्तेमाल किया जिससे गरीबों और हाशिये पर गए लोगों को इसका फायदा मिला.

सोनिया ने कहा, "ये साफ है कि मौजूदा केंद्र सरकार आरटीआई कानून को एक बाधा समझती है और केंद्रीय सूचना आयुक्त के स्वतंत्र वजूद को खत्म करना चाहती है, जिसे इस कानून में मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के बराबर दर्जा दिया गया था. केंद्र सरकार सदन में अपने बहुमत का इस्तेमाल इस उद्देश्य को हासिल करने में कर सकती है, लेकिन इस प्रक्रिया में वह देश के प्रत्येक नागरिक को कमजोर करेगी."

हालांकि केंद्र ने सोमवार को विपक्ष की इन शंकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि सरकार सूचना के अधिकार कानून की स्वायत्तता और इसकी पारदर्शिता का बनाये रखने को लेकर प्रतिबद्ध है.

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :