मुझे कश्मीर के लोगों की चिंता : गुलाम नबी आजाद बढ़ी मुश्क़िलों में गिरा लालू का परिवार IRCTC टेंडर घोटाला में 2 दिसंबर से सुनवाई क्यों नहीं रोक पा रहा सऊदी अरब खुद पर हमला सोशल मीडिया पर बटोरीं सुर्खियां PM मोदी की 8 ड्रेसिंग स्टाइल ने एक हफ्ते में 5 रुपए महंगा हो सकता है पेट्रोल दिल्ली में सरेआम लड़की का हाईवोल्टेज ड्रामा, ने बचाया हजारों का चालान बागपत: छपरौली के एक गांव में मजदूर की ईटों से पीट-पीट कर हत्या PSA के तहत हिरासत में लिए गए जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM फारुक अब्दुल्ला आर्थिक तंगी से गुजर रहे पद्मश्री से सम्मानित 92 साल के संगीतकार वनराज भाटिया आंध्र प्रदेश विधानसभा के पूर्व स्पीकर के.शिव प्रसाद राव ने फांसी लगाकर की आत्म्यहत्या सांसे हो रही कम पेड़ लगाए हम... जरूरत पड़ी तो UP में भी लागू करेंगे NRC: योगी आदित्यनाथ 60 साल का हुआ दूरदर्शन भारत में 2.55 करोड़ बच्चे कुपोषण के चलते बौनेपन का शिकार राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा का शपथ ग्रहण समारोह हुआ संपन्न जम्मू-कश्मीर की हालात पर बोले रंजन गोगोई - जरूरत पड़ी तो खुद जाऊंगा कश्मीर तेजी से नशे के दलदल में फंस रहे भारत के दो बड़े शहर विक्रम लैंडर से संपर्क की उम्मीद अब लगभग खत्म सऊदी अरब में कच्चे तेल की रिफ़ाइनरी पर ड्रोन हमले का दिखा असर एक साथ दोनों हाथ से लिखती है रायपुर की यह लड़की

महिला Undergarment को लेकर क्यों उतरे सड़क पर लोग

Deepak Chauhan 21-05-2019 15:38:18



देश में महिला उत्पीड़न कई सालो से चला आ रहा है। अगर बात आज के ज़माने की करें तो कई देखा जाता है की लड़की का रेप करने की खबर सुनाई पड़ती है या उसे किसी अन्य प्रकार से पीड़ित किये जाने की। भारत में 2012 में हुए दुनिये के खतरनाक बलात्कारों में से एक ये वाला कांड भी था जिसने नारी जाती को अंदर तक झंझोड़ने का काम किया। वैसे अगर इन बलात्काओं के केस में गलती किसकी है ये सवाल उठाया जाये तो कई लोगो के नजर में तो शायद पीड़िता ही दोषी होती है। ये वो लोग होते है जो लड़की को उसके कपड़ों के द्वारा उसे जांचते  परखते है। जबकि भारत में हुए इस रेप कांड में अपराधियन ने भी मन था की लड़नी ने सलवार कमीज पहनी थी। लेकिन फिर भी आज लोगो के मुँह से इस तरीके के कुछ वाकया सुनाई पद जाते है:-

'उसने ज़रूर छोटे कपड़े पहने होंगे'

'वो रात में बाहर गई ही क्यों?'

'भैया या पापा के साथ जाती, तो बच जाती बेचारी!'

'बॉयफ़्रेंड के साथ घूमने से यही होता है!'

छेड़छाड़ या रेप Survivors के लिए कई लोग ऐसी बातें किया करते हैं. भारत में तो कई खाप पंचायतों ने 'चाउमीन', 'मोबाईल फ़ोन', 'जीन्स, स्कर्ट' आदि को भी रेप के कारण की सूची में शामिल कर लिया है.

एक छोटी सी बात जो आज भी लोगों की समझ में नहीं आती वो ये है,

रेप में सिर्फ़ एक इंसान की ग़लती होती है, रेपिस्ट की ! न तो इसमें वक़्त की ग़लती होती है और न ही लड़कियों के कपड़ों की. दिल्ली को दहला देने वाले 2012 के गैंगरेप केस में भी अपराधियों ने स्वीकारा था कि मृतका ने सलवार-कमीज़ पहनी थी.

आयरलैंड में भी एक रेप Survivor के कपड़ों पर प्रश्न किया गया. Indian Express के अनुसार, आयरलैंड के Cork शहर में में एक 27 साल के युवक को 17 साल की लड़की के बलात्कार के आरोप से मुक्त कर दिया गया. 

Elizabeth O'Connell ने Jury को लड़की के Underwear पर भी विचार करने का आग्रह किया. Elizabeth ने कहा,

आपको ये भी देखना होगा कि उसने कैसे कपड़े पहने थे. उसने एक लेस वाला Thong पहना था.

एक महिला द्वारा कहे गए ये शब्द किसी को भी सही नहीं लगे. आयरलैंड की संसद में भी इस बात से हलचल मच गई. सांसद Ruth Coppinger ने Underwear दिखाकर 'पीड़िता की ही ग़लती होगी' वाले Attitude को चुनौती दे डाली.

इसके बाद से ही आयरलैंड में महिलाएं सड़क पर उतर आईं और सवाल करने लगी कि कपड़े Consent का पैमाना हो सकते हैं?

जो सड़कों पर नहीं उतरीं उन्होंने ट्विटर, इंस्टाग्राम पर Lacy Underwear की तस्वीरें डाल लोगो ने अपमना विरोध दिखाया। 

ऐसा पहली बार देखा गया है कि किसी रेप केस में 'रेप Survivor की ही ग़लती है', इस बात को साबित करने के लिए उसके Undergarments पर सवाल उठाया गया हो. ये पूरा मामला कई प्रश्नों को उठाता है। 

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :