16 साल के प्यार या दोस्ती पर बोली कटरीना पाक को चेतावनी देते हुए राजनाथ ने कहा 1965 और 71 की गलती दोहराई तो कर देंगे खंड-खंड इस सवाल पर उड़ा सोनाक्षी सिन्हा का मजाक प्याज़ की कीमते हुई ज्यादा आम आदमी भी परेशान फीस को लेकर MeToo पर बोलीं कृति सेनन बेहतरीन कलाकारों से बनी साधारण फिल्म परस्थानम कॉपीराइट इश्यूज के चलते सोशल मीडिया से ड्रीम गर्ल का गाना डिलीट भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन की बुकिंग हुई शुरू सभा सम्बोधित करते हुए 370 पर बोले अमित शाह : एक देश में दो विधान, दो निशान और 2 प्रधान नहीं चलेंगे कुछ इस हाल में है महाराष्ट्र की बड़ी पार्टिया यूपी और उत्तराखंड में कैनबिस रिसर्च को सरकार की मंजूरी कमांडो की गाड़ी पर फायरिंग कर बदमाश हुए फरार चिन्मयानन्द केस में रेप पीड़िता भी हो सकती है गिरफ्तार विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप के फाइनल से हटे दीपक पुनिया चोट रही कारण 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मोदी ने तोडा प्रोटोकॉल '' प्रिय चाची, चिंता मत करो : बाबुल सुप्रियो Elections Updates: 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र और हरियाणा में वोटिंग अमेरिका: चीनी टूरिस्टों को ले जा रही बस हादसे का शिकार 3199 मीटर की ऊंचाई पर स्तिथ सरेउल झील पर्यटकों के आकर्षण का है केंद्र सोने की कीमतों में गिरावट जारी

ओशो कभी नहीं थे किसी को अलग करने के पक्ष में

Deepak Chauhan 21-06-2019 14:11:54


Videos




विश्व में अपना नाम रोशन करने वाले रजनीश जैन उर्फ़  ओशो आज इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उनके द्वारा दिए गए वचनों में आज भी वाही  जान है जो उस वक्त थी | ओशो बहुत ही ज्ञानी  व्यवहारिक और प्रैक्टिकल बातों पर विश्वास करते थे ,उन्होंने कभी अं धविश्वास, दकियानूसी बातों पर विश्वास नहीं किया नहीं किया  अपने अनुयायियों से कहा की वह इस तरह की जिंदगी ना  जिए ओशो हमेशा यही कहते रहे कि पहले आप इन भौतिक संसाधनों से अपने जीवन को तृप्त कर लो उसके बाद ही आपको कुछ हासिल होगा कहना बहुत आसान था करना बहुत कठिन था | 


आज का मनुष्य इन भौतिक संसाधनों के  मिथ्या जाल में लालच में इतना फंसा हुआ है कि उसने अपनी  आत्मा को परमात्मा से जुड़ने के तमाम रास्ते बंद हो गए हैं. फिर भी वह जिए जा रहा है इस पर उसने कहा है की पहले तो आप तमाम पीपाआशाओं को शांत करें फिर आपको भगवान जिसकी खोज मनुष्य सदियों से करते आ रहा है एक क्षण में प्राप्त हो जायेंगे  उनके कहने का मतलब यह था कि पहले आप इस भ्रमित जीवन से तो बाहर निकले इस जंजाल को तो थोड़े तभी तो आगे की रहा है आसान होगी ओशो की तमाम कोशिशों के बावजूद यह दुर्भाग्य रहा है कि उन्होंने ने या उनके शिष्यों ने अभी तक अपने आप को इस मुकाम तक नहीं पहुंचा पाए स्वयं ओशो  अपने पूरे जीवन काल में इसी भगवान की खोज करते रहे लेकिन नहीं मिले बहुत उपदेश उन्होंने दिए उनकी वाणी में सम्मोहन शक्ति थी तर्क कसौटी पर खरे उतरते थे सुनने वालों को लगता था कि यह बहुत ही सत्य है लेकिन जब तक वह  उसे सुनता था तभी तक वह सम्मोहित रहता था सुनने के बाद उसने अपने जीवन में इसका अमल नहीं  किया ना ही ओशो की वाणी ने उस पर स्थाई छाप छोड़ी |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :