आंध्र प्रदेश के गोदावरी नदी में डूबी नाव से 11 लोगों की मौत अपनी खूबी को आगे रख उसमे बना सकते हैं अपना भविष्य T20 वर्ल्ड कप से पहले इन कमियों पर ध्यान देना होगा टीम इंडिया को पोर्नहब के ये आकड़ें दिखाते है भारतीय लोगों की इंटरनेट पर पोर्न खपत तूगाना बैंक में लूट कर लुटेरे पुलिस गिरफ्त से पहुंचे दूर बागपत ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा स्वामी चिन्मयानंद के बचाव में आये बिग बॉस फेम स्वामी ओम कुलदीप यादव को टीम में ना खिलाने पर बोले कोहली अब दिल्ली वाले नहीं ले पाएंगे Budweise बियर का मजा इसलिए मनाया जाता है हिंदी दिवस मस्जिद में पत्र मिलने से मचा हड़कंप RuPay डेबिट कार्ड से शॉपिंग करना होगा सस्‍ता पटना में चालान पर बवाल, 11 लोगों को हुई जेल IIT की पढ़ाई करके लौटे युवक का शव पटरियों पर हुआ बरामद दिल्ली में 30 करोड़ के ड्रग्स के साथ 6 विदेशी गिरफ्तार UP: गांधी इंटर कॉलेज में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा तोड़ी होशंगाबाद कलेक्टर ने रेत के अवैध कारोबार को लेकर, एसडीएम को तीन घंटे बनाया बंधक अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए अब सकरार करेगी बचे हुए प्रोजेक्ट पुरे दिल्ली में ट्रक ड्राइवर पर 2,00,500 रुपए का जुर्माना चचेरे भाई पर है दुष्कर्म करने का आरोप

जानवरों को आशिक बनाता ये हार्मोन

Deepak Chauhan 07-05-2019 15:38:09



अपने अपने जीवन में आशिक मिजाज लोंगो के किस्से तो बहुत सुने होंगे।  यहाँ तक की दुनिया में तो कई ऐसे बहुत मशहूर भी हैं जिनके को उदारण भी दिए जाते है। लेकिन क्या अपने कभी गौर किया है ये सब इंसानो में ही क्यों ? क्या सिर्फ इंसान ही इश्क मोहब्बत प्यार की बाते कर पाते है? क्या कभी जानवर भी ऐसा करते है, और अगर ऐसा है तो कैसे? जी आज हम जानेंगे जानवरो के प्यार के बारे में के जानवर आखिर कैसे प्यार वाली फीलिंग्स अपने अंदर पैदा कर पता है। 


लव हॉर्मोन

ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन स्तनधारी जीवों में होता है. ये हॉर्मोन ही हमें मोहब्बत या लगाव का एहसास कराता है। दूसरों से मेल-जोल के लिए ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन की प्रेरित करता है. दो लोगों के बीच भरोसे की बुनियाद इसी की वजह से पड़ती है। ऑक्सीटोसिन ही मां और बच्चे के बीच के मज़बूत रिश्ते को क़ायम करता है. इसीलिए ऑक्सीटोसिन को 'लव हॉर्मोन' कहा जाता है। दूसरे जीवों में भी ऑक्सीटोसिन के दिलचस्प असर देखने को मिलते हैं। 


1. कुत्तों में ख़ूब होता है ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन

 कुत्तो को अक्सर इंसान को बढ़िया दोस्त माना गया है, और कई हद तक सही भी है क्युकी जानवरों में कुत्ते ही हैं जिनके सबसे ज्यादा आक्सीटोसिन हार्मोन्स पाया जाता है।  अक्सर कुत्तो के साथ ये हार्मोन्स उस स्तिथि में ज्यादा काम करते जब ये किसी इंसान के करीब होते है, मतलब कुत्तो अपने पास किसी इंसान को पाते ही उनके अंदर इन हार्मोन्स की जाती तेज हो जाती है जससे वे इंसान के साथ प्यार वाला व्यवहार करते दिखाई पड़ते है। रिसर्च से साबित हुआ है कि कुत्तों में बिल्लियों के मुक़ाबले पांच गुना ज़्यादा ऑक्सीटोसिन निकलता है। 


2. बंदरों के वजन से बढ़ता ऑक्सीटोसिन

मध्य और दक्षिणी अमेरिका पाए जाने वाले मार्मोसेट और टमारिन बंदरों का वज़न ऑक्सीटोसिन की वजह से बढ़ जाता है। जब मादाएं गर्भवती होती हैं, तो नर वानर का वज़न उसकी हमदर्दी में बढ़ता जाता है. क्योंकि नर अपनी मादा साथी से नज़दीकी महसूस करता है। ये ऑक्सीटोसिन का ही कमाल होता है. नर बंदरों के ऑक्सीटोसिन के अलावा ओएस्ट्रोजेन और प्रोलैक्टिन हॉर्मोन भी निकलते हैं। इनका ताल्लुक़ स्तनपान से होता है. नतीजा ये होता है कि जब मादा बच्चे को जन्म देती है, तो ये नर उसको दूध पिलाते हैं। 


3. मीयरकैट को परोपकारी बना देता है ऑक्सीटोसिन

कालाहारी रेगिस्तान में पाया जाने वाला स्तनधारी जीव मीयरकैट में आक्सीटोसिन पाया जाता है। लेकिन इस जीव का प्यार बजाये किसी के साथ रहने या मिलने के उसके भलाई के बारे में होता है, मतलब ये बात कहना सही होगा की इस हार्मोन्स के असर से ये जीव दूसरी की भलाई ही चाहने वाली फीलिंग्स अपने अंदर महसूस करता है।  एक शोध के दौरान जब अफ्रीका में कुछ वैज्ञानिकों ने जब ऑक्सीटोसिन की ख़ुराक इन्हें ऊपर से दी, तो मीयरकैट दूसरों के बारे में ज़्यादा फ़िक्रमंद होते देखे गए। साथ ही वो बिलों की रखवाली पर ध्यान देने लगे. उनका ग़ुस्सा कम हो गया. बच्चों के साथ वो ज़्यादा वक़्त बिताने लगे। 


4. कीड़े भी है ऑक्सीटोसिन के शिकार 

अभी तक तो बात जानवरो की थी लेकिन  वैज्ञानिको ने पता लगाया की आक्सीटोसिन का असर कीड़ो पर भी होता है। ब्रिटेन में पाए जाने वाले एक बीटल पर जब ऑक्सीटोसिन के असर का प्रयोग किया गया, तो चौंकाने वाले नतीजे दिखे. वो अपने बच्चों का ज़्यादा ख़याल रखते देखे गए। जहां वो खाना छुपाते थे, वहां ये कीड़े अपनी गर्भवती मादा साथी को ले गए. ताकि जब बच्चे का जन्म हो तो उसे तुरंत खाना मिल जाए। कीड़े के लार्वा भूखे होने पर अपने मां-बाप को पैरों से खुजलाते हैं. फिर मां-बाप उन्हें खाने को देते हैं। 


5. आशिक मिज़ाज़ी होते चूहे 

अमरीका के मशहूर मैदानी इलाक़े प्रेयरी में पाए जाने वाले चूहे एकनिष्ठ होते हैं। वो हमेशा एक ही साथी के साथ अपना पूरा जीवन निर्वाह करते है। साथ ही अपने बच्चो को खुद प्यार करते हुए उनका ध्यान और पालन पोषण करते हैं। वहीं, चरागाह में पाये जाने वाले चूहे आशिक़मिज़ाज होते हैं।  वो कई मादाओं से समभंद बनाते हैं. बच्चों का ज़रा भी ख़याल नहीं रखते। उन्हें अपने साथी की भी परवाह नहीं होती. वैज्ञानिक इसे ऑक्सीटोसिन का असर बताते हैं। 

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :