अंदाज अपना अपना के दूसरे भाग के साथ लौटेगी सलमान और आमिर की जोड़ी बंगलुरु के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का भव्य आयोजन, कान्हा का 20 लाख के आभूषणों से होगा श्रृंगार किस्मत हो तो ऐसी, स्टेशन पर गाना गाने वाली महिला आज हिमेश की फिल्म में गा रही है गाना जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के आवासीय परिसर समेत कई स्थानों पर ED का छापा अपने एजेंडे में कश्मीर रख मोदी का प्लान जानना चाहते है ट्रम्प इनकम टेक्स भरने से होते ये फायदे तमिलनाडु सरकार ने ISRO के अध्यक्ष के. सिवन को एपीजे अब्दुल कलाम पुरस्कार से किया सम्मानित इस लिए नहीं मिला रोहित और आश्विन को मौका : रहाणे डेविस कप के लिए अब भारत और पकिस्तान को नवम्बर तक होगा रुकना HC ने जारी किया भाजपा नेता विजेंद्र सिंह को नोटिस, बढ़ सकती है मुश्किलें तीन तलाक कानून के खिलाफ SC में दायर हुई याचिका, कोर्ट ने किया रोक लगाने से इनकार पिछले दो हफ्तों से आग में झुलस रहा है दुनिया का सबसे बड़ा जंगल अमेजन घर से आया खाना साथ ही देर रात तक सीबीआई ने करी पूछताछ कोंडागांव के परेशान गांववालों ने बनाया जुगाड़ का पुल गाजियाबाद: सीवर लाइन की सफाई करने उतरे 5 सफाई कर्मियों की मौत पिछले 5 सालो में 56 गुना बड़ी देता खपत के साथ 22 गुना हुआ सस्ता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम CBI के सवालों से घिरे टीम इंडिया को धमकी देने वाला शख्श को लिया गया हिरासत में जन्माष्टमी के बारे में जानें सबकुछ सेंसेक्स 669 अंक लुढ़क, निफ्टी 193 प्वाइंट गिरकर 10750 के साथ हुआ बंद

यह बदलते यूपी की तस्वीर है

Administrator 19-04-2019 18:33:40



दिलीप मंडल

नई दिल्ली .यूपी में 24 साल बाद बहनजी और नेताजी के एक साथ आने के बाद अब प्रदेश में राजनीति की तस्वीर साफ हो गई है. यह बहुत बड़ा सामाजिक समीकरण हैं, जिसमें दलित-पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की हिस्सेदारी के बाद इसे रोक पाना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा.बाकी जनता मालिक है लोकतंत्र में. जिसे चाहे जिता दे, जिसे चाहे हरा दे.

सपा और बसपा ने अपनी पिछली कड़वाहट भुलाई है, यह महत्वपूर्ण है. इस कड़वाहट का बुरा असर दलितों और पिछड़ों दोनों ने झेला है. सपा राज में दलितों और बसपा राज में पिछड़ों का काफी अहित हुआ है.इसके अलावा दोनों दलों को जीतने के लिए सवर्णों की शरण में जाना पड़ा था क्योंकि दोनों दलों का अपना वोट बैंक इन्हें जिताने के लिए काफी साबित नहीं हो पा रहा था.

इस वजह से दोनों दलों की राजनीति में काफी विकृतियां आ गईं थी, जिससे देश भर के आंबेडकरवादी और लोहियावादी निराश हो रहे थे.अब उनकी कई शिकायतें दूर हो सकती हैं.अब बसपा और सपा के साथ आने के बाद सवर्णों की लल्लो -चप्पो करने की दोनों की मजबूरी खत्म हो गई है.इस सभा में मायावती और अखिलेश यादव दोनों ने नरेंद्र मोदी को नकली ओबीसी कहा है. ये लोकसभा चुनाव का बड़ा मुद्दा बन सकता है.इसके अलावा इस रैली में बहनजी ने घोषणा की है कि निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी आरक्षण लागू करेंगी,

Comments

Replied by foo-bar@example.com at 2019-04-29 05:54:30

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :