ताइवान ने करी विश्व की पहली समलैंगिक प्रदर्शनी की मेजबानी अपनी कार को मोबाइल क्लिनिक बना कर रहे गॉव वालों का उपचार अपनी जेब से 6 लाख खर्च कर पशु और पक्षियों के लिए रख रहा पानी के बर्तन शाहजहांपुर में किन्नरों ने काटा 20 साल के युवक का प्राइवेट पार्ट अमेरिका में ऐप्पल की नोखरी छोड़ गांव में करने लगा खेती भारतीय एथलेटिक दूती चन्द ने अपने समलैंगिक संबंध को दी हरी झंडी अब बीच सेक्स में कंडोम नहीं देगा धोखा कुछ इस तरह का नजर आ रहा है युद्ध के बाद यमन भीख मांगने वाले गिरोह के 2 से 17 साल तक के 44 बच्चाें काे रेस्क्यू किया 140 साल पुराना धोबी घाट Tik-Tok स्टार मोहित मोर की गोली मारकर हत्या दिल्ली: शाहदरा में बेटे ने दुकान के खातिर किया पिता का मर्डर सलमान खान के शो बिग बॉस 13 में होगा बड़ा बदलाव राजीव गांधी की पुण्यतिथि आज एक गांव जहाँ पर लड़की की वर्जिनिटी टेस्ट पर टिका होता है शादी जैसा पवित्र रिश्ता आमिर खान के भांजे इमरान खान अपनी पत्नी अवंतिका मलिक से हुए अलग अब महिला के नाइटी पहने का समय भी फिक्स महिला Undergarment को लेकर क्यों उतरे सड़क पर लोग भारत में लॉन्च हुई Hyundai की नई SUV Venue ये थी बॉलीवुड के पहली स्टंट वुमेन

यह बदलते यूपी की तस्वीर है

Administrator 19-04-2019 18:33:40

दिलीप मंडल

नई दिल्ली .यूपी में 24 साल बाद बहनजी और नेताजी के एक साथ आने के बाद अब प्रदेश में राजनीति की तस्वीर साफ हो गई है. यह बहुत बड़ा सामाजिक समीकरण हैं, जिसमें दलित-पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की हिस्सेदारी के बाद इसे रोक पाना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा.बाकी जनता मालिक है लोकतंत्र में. जिसे चाहे जिता दे, जिसे चाहे हरा दे.

सपा और बसपा ने अपनी पिछली कड़वाहट भुलाई है, यह महत्वपूर्ण है. इस कड़वाहट का बुरा असर दलितों और पिछड़ों दोनों ने झेला है. सपा राज में दलितों और बसपा राज में पिछड़ों का काफी अहित हुआ है.इसके अलावा दोनों दलों को जीतने के लिए सवर्णों की शरण में जाना पड़ा था क्योंकि दोनों दलों का अपना वोट बैंक इन्हें जिताने के लिए काफी साबित नहीं हो पा रहा था.

इस वजह से दोनों दलों की राजनीति में काफी विकृतियां आ गईं थी, जिससे देश भर के आंबेडकरवादी और लोहियावादी निराश हो रहे थे.अब उनकी कई शिकायतें दूर हो सकती हैं.अब बसपा और सपा के साथ आने के बाद सवर्णों की लल्लो -चप्पो करने की दोनों की मजबूरी खत्म हो गई है.इस सभा में मायावती और अखिलेश यादव दोनों ने नरेंद्र मोदी को नकली ओबीसी कहा है. ये लोकसभा चुनाव का बड़ा मुद्दा बन सकता है.इसके अलावा इस रैली में बहनजी ने घोषणा की है कि निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी आरक्षण लागू करेंगी,

Share On Facebook

Comments

Replied by foo-bar@example.com at 2019-04-29 05:54:30

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :